बार की “गरमी” क्यों बन गई राष्ट्रीय आपदा?
बार की “गरमी” क्यों बन गई राष्ट्रीय आपदा?
रिकॉर्ड-तोड़ तापमान
-
श्रीगंगानगर, राजस्थान – 47.2 °C (21 मई 2025 को देश का सर्वाधिक अधिकतम)
-
दिल्ली – हीट-इंडेक्स दोपहर में 50.2 °C तक पहुँचा; शाम को तेज आंधी-ओलावृष्टि ने अस्थायी राहत दी
-
दिल्ली का “रियल-फील” लगातार 48.5 °C के पार, गर्म व आर्द्र रातों ने जोखिम और बढ़ाया
प्रस्तावनामई
मई 2025 के मध्य से भारत पर भीषण लू का प्रकोप छाया हुआ है। अधिकांश उत्तर-पश्चिमी तथा मध्य राज्यों में पारा 45 °C से ऊपर जा पहुँचा है, जबकि “रियल-फील” (हीट-इंडेक्स) 48-50 °C तक दर्ज हो रहा है। दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने लगातार “रेड अलर्ट” जारी किए हैं।
तत्काल कदम
-
दिन में 11 बजे से 4 बजे तक बाहरी काम टालें; स्कूलों का समय समायोजित करें।
-
ORS, पानी, छाया एवं सार्वजनिक “शीतल-शिविर” सुनिश्चित करें।
-
-
मध्यम-अवधि रणनीति
-
शहरों में “कूलिंग सेंटर” व ग्रीन-कोरिडोर विकसित करें; भवनों की छतों पर श्वेत-पेंट या रिफ्लेक्टिव शीट लगाएँ।
-
जल-संग्रह (रेन-वॉटर हार्वेस्टिंग) व अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण।
-
-
दीर्घकालिक नीति
-
नवीकरणीय ऊर्जा, ईवी परिवहन व शहरी नियोजन में हरित क्षेत्र का न्यूनतम अनुपात तय करना।
-
गर्मी-प्रवण जिलों के लिए जिला-स्तरीय “हीट-एक्शन-प्लान” अनिवार्य करना।
ग्रामीण प्रभाव
कृषि-प्रधान जिलों में सूखे के आसार गहरे हैं।
-
फसल तनाव: गेहूँ-कटाई के बाद धान-रोपाई सत्र पर असर; मिट्टी की नमी घटकर सामान्य से 15-20 % कम।
-
पशुधन: चारे-पानी की कमी ने दूध उत्पादन में गिरावट ला दी है, जिससे ग्रामीण आय प्रभावित।
-
श्रमिक जोखिम: खुले खेतों में काम कर रहे किसान‐मजदूर सबसे अधिक लू-आघात के शिकार।
शहरी संकट
बढ़ती गर्मी ने महानगरों को “प्रेशर कूकर” में बदल दिया है।
-
विद्युत भार: एयर-कंडिशनर व कूलर की मांग से ग्रिड पर दबाव; कई शहरों में अनियोजित कटौती।
-
जल-संकट: गर्मी-कुपोषित यमुना व अन्य नदियों से पानी की आपूर्ति घट रही है; टैंकर लाइनों में भीड़।
-
स्वास्थ्य-सेवाएँ: अस्पतालों में हीट-स्ट्रोक व डिहाइड्रेशन के मरीजों में 20-30 % वृद्धि (स्वास्थ्य मंत्रालय अंतरिम डेटा)।
-
-
-

Thanks for information the 2025 heatwave was very dangerous stay at home and drink more water 💦
ReplyDeleteThanks
ReplyDelete